पीपल से उत्पन्न ऑक्सीजन बहुत
विज्ञान के अनुसार पीपल
से उत्पन्न ऑक्सीजन बहुत ज्यादा होती है;और शाखाओं में घनी होती है । इसी कारण साधना के लिए
पीपल के पेड़ को चुना जाता है, जब ध्यान किया जाता है तो
सांस की गति कम होने की वजह से अंदर आक्सीजन कम हो जाती है ,इसलिए पीपल के पेड़ से
निकलने वाली आक्सीजन से ध्यानस्थ साधक को मदद मिलती है।
सूर्योदय
से पूर्व पीपल के पेड़ के चारों ओर चक्कर लगाने से स्वस्थ लाभ होंने का कारण भी
यही है ।
सनातन धर्म के अनुसार प्रत्येक मन्दिर ,आश्रम या धर्मस्थल के आस पास पीपल का पेड़ लगाना चाहिए ।
सनातन धर्म के अनुसार प्रत्येक मन्दिर ,आश्रम या धर्मस्थल के आस पास पीपल का पेड़ लगाना चाहिए ।
SUBH NAVRATRI
"Maa : ki jyoti se noor milta hai ...sabke dilo ko sukun milta hai....jo bhi jata hai maa ke dwar ...kuch na kuch jarur milta hai....HAPPY NAVRATRI & GANGAUR
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